सेमीकंडक्टर हब, डेटा सेंटर, टूरिज्म बूम..., सीएम योगी ने बताया कैसे यूपी के लिए वरदान बनेगा बजट
CM Yogi Said On UP Budget
लखनऊ: CM Yogi Said On UP Budget: सीएम योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट की तारीफ करते हुए कहा है कि यह यूनियन बजट यूपी के विकास को तेज रफ्तार प्रदान करेगा. पिछले 11 साल में सबने देखा कि प्रधानमंत्री का हर भारतवासी के प्रति सदैव यही आग्रह रहा कि नेशन फर्स्ट भाव के साथ काम करना चाहिए. उनकी यही सोच देश को ऊंचाइयों के शिखर की ओर ले जा रही है और दुनिया में भारत का मान बढ़ रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 में पीएम मोदी ने 26 नवंबर की तिथि को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया था. उन्होंने देश भर में इस पर चर्चा का आह्वान किया था कि हम मौलिक अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन अपने मूल कर्तव्यों की चर्चा नहीं करते. विधायिका के साथ साथ अन्य मंचों पर हर नागरिक के कर्तव्य क्या हैं, राष्ट्र और समाज के प्रति, यह सभी को समझना चाहिए. यह पहला बजट है, जो कर्तव्य भवन से बनकर सामने आया है. यह हर भारतीय को अपने कर्तव्य का एहसास कराने के लिए आग्रह कर रहा है.
विकास को देखते हुए तैयार किया गया बजट: मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति संचालित, गरीब वंचित केंद्रित विकास और समान रूप से पूरे देश के अंदर एक समावेशी विकास को ध्यान में रखकर साल 2026-27 का यह बजट वित्त मंत्री ने संसद में प्रस्तुत किया है. बजट में जो चीज हमें देखने को मिली हैं, वह है रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन. इन तीनों को एक सूत्र में पिरोकर हम आज एक मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में आने वाली पीढ़ी को जोड़कर आगे बढ़ सकें, इसके लिए यह बजट एक सुदृढ़ नींव के रूप में काम करेगा.
देश का सबसे बड़ा MSME बेस यूपी में: योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वाभाविक रूप से इस बजट से देश की सबसे बड़ी आबादी के राज्य की आकांक्षाओं की पूर्ति भी होती है, उसके लिए नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं. इसमें मुख्य रूप से जब हम ध्यान देते हैं. सबसे पहली बात है ₹10,000 करोड़ के MSME सेक्टर के लिए बजट का प्रावधान. उत्तर प्रदेश देश के अंदर इसको लीड करता है. देश का सबसे बड़ा MSME बेस यूपी के पास है. 96 लाख MSME यूनिट यूपी के पास है. 3 करोड़ जो हमारी आबादी है, इस MSME के माध्यम से आर्थिक स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर होती है.
उन्होंने कहा, एमएसएमई सेक्टर में, जिसको हमने ओडीओपी के रूप में 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' के रूप में प्रमोट किया है, जिसकी ब्रांडिंग की है, डिजाइनिंग के साथ पैकेजिंग के साथ एक्सपोर्ट के साथ जोड़ने का कार्य किया है. यह ₹10,000 करोड़ हमें इसके अगले भविष्य के लिए इसको नई तकनीक के साथ जोड़ने के लिए, ट्रेनिंग के प्रोग्राम के साथ जोड़ने के लिए, एक्सपोर्ट के साथ जोड़ने के लिए, पैकेजिंग की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने में यूपी जैसे राज्य को मदद करेगा.
रेल कॉरिडोर से होगा यूपी का विकास: मुख्यमंत्री ने कहा कि 12,20,000 करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर का जो फंड तैयार किया गया है, स्वाभाविक रूप से यह विकास का है, कनेक्टिविटी और भी अन्य सेक्टर को आगे बढ़ाने का है. जिनमें रेलवे के 7 नए कॉरिडोर, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी ये दो यूपी को प्राप्त हुए हैं, इन 2 नए रेलवे कॉरिडोर का लाभ यूपी के बेहतरीन रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा. ईस्टर्न एंड वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, ये दोनों यूपी से होकर के जा रहे हैं, जिसमें हमारा लॉजिस्टिक का सबसे बड़ा हब यूपी के अंदर तैयार हो रहा है, इसका लाभ यूपी को प्राप्त होगा.
डाटा सेंटर हब बनाने के कार्य में तेजी: योगी ने कहा, भारत को एक डाटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने के लिए नए कदम बढ़ाने की दिशा में कार्य किए गए हैं, यह एक नई दिशा में हमें आगे बढ़ाएगा, खासतौर पर 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के जो प्रदेश के अंदर डाटा सेंटर की स्थापना का कार्य कर रहे हैं. अब तक उत्तर प्रदेश ने इसमें 700 मेगावाट क्षमता के डाटा सेंटर यूपी में स्थापित किए हैं. भारत सरकार ने इसके हब के रूप में स्थापित करने के लिए जो धनराशि आरक्षित की है, यह हमें काफी हद तक मदद करेगी.